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वीडियो जानकारी: 05.11.23, गीता दीपोत्सव, ग्रेटर नॉएडा
भारत आज भी अंधविश्वास से ग्रस्त क्यों – मूल कारण || आचार्य प्रशांत, गीता दीपोत्सव (2023)
📋 Video Chapters:
0:00 - Intro
1:14 - अज्ञानता,अंधविश्वास और सरकार की भूमिका
4:24 - भारत का आधारभूत शैक्षणिक दुर्बल ढांचा
10:40 - मौलिक चिंतन की स्वतंत्रता
14:23 - विकसित देश कौन
17:18 - शिक्षा,शैक्षणिक संस्थानों,शिक्षक का अपमान
20:38 - छपरी इनफ्लुएंसर का प्रभाव और पुस्तकों से चिढ़
25:00 - आचरण की कुरूपता का कारण अशिक्षा
28:26 - शिक्षा में विषयों की अनिवार्यता
32:31 - गेट हैंड्स ऑन इंडस्ट्री एक्सपीरियंस का आदर्श
36:44 - समापन
विवरण:
इस वीडियो में आचार्य जी ने भारत में शिक्षा की स्थिति और उसके महत्व पर गहरी चर्चा की है। उन्होंने बताया कि भारत, जिसने दुनिया को ज्ञान का मार्ग दिखाया, आज ज्ञान को एक घिनौना शब्द मानने लगा है। आचार्य जी ने शिक्षा के स्तर को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि शिक्षा का अपमान और अज्ञानता का बढ़ता स्तर देश की दुर्दशा का मुख्य कारण है।
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है, और 23 वर्ष की उम्र तक शिक्षा अनिवार्य होनी चाहिए। आचार्य जी ने यह भी कहा कि आजकल के युवा केवल डिग्री प्राप्त करने के लिए पढ़ाई कर रहे हैं, न कि वास्तविक ज्ञान प्राप्त करने के लिए। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं होना चाहिए, बल्कि एक शिक्षित और विचारशील नागरिक बनना होना चाहिए।
आचार्य जी ने यह भी कहा कि समाज में शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों का सम्मान होना चाहिए, और शिक्षा को एक महत्वपूर्ण कार्य माना जाना चाहिए। उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि जब तक हम शिक्षित नहीं होंगे, तब तक बाकी सभी प्रयास व्यर्थ हैं।
प्रसंग:
~ सरकार अंधविश्वास फ़ैलाने वालों को बैन क्यों नहीं करती है ?
~ क्यों आज तक भारत में अज्ञान के आधार पर सरकारें बनती आयी है ?
~ आज़ादी के बाद से क्यों भारत में शिक्षा की दुर्दशा रही है ?
~ क्यों आज भी भारत का शैक्षणिक ढाँचा दुर्बलतम में से एक है ?
~ क्यों आम भारतीय बहुत अनपढ़ है ?
~ शिक्षा से क्यों सोचने समझने की क्षमता जागृत नहीं हो रही है ?
~ युवा पढाई क्यों कर रहे है ?
संगीत: मिलिंद दाते
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