झारखण्ड में पेशा कानून लागू होने की बात कही जा रही है, लेकिन आदिवासी समाज के जानकार मानते हैं की यह पेशा कानून असली पेशा कानून नही है। इसलिए इस कानून को लागू करना या नहीं करना दोनो हीं स्थिति में आदिवासियों के लिए कोई फायदे का चीज नहीं है। हालांकि इसका विरोध भी आदिवासी समाज के लोगों द्वारा शुरू कर दिया गया है। आज खूंटी में आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों के लोग एकजुट हुए जहां पेशा कानून को लेकर विचार विमर्श किया गया। साथ हीं आने वाले दिनों में इस कानून का विरोध करने की भी बात कही गई।