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गुरु वचनो को रखना सँभाल के | Guru Vachno Ko Rakhna Sambhal Ke | Upasana Mehta Bhajan |SatsangiBhajan

Upasana Mehta Bhajan 3,252,700 2 years ago
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गुरु वचनो को रखना संभल के | Guru Vachno Ko Rakhna Sambhal Ke | Upasana Mehta Bhajan |Satsangi Bhajan Listen to this Shyam Bhajan ( ) and Indulge in the Bhakti of Shyam Ji इस श्याम भजन को जरूर सुने और ज्यादा से ज्यादा Share कीजिये | ⭐Song : Guru Vachno Ko Rakhna Sambhal Ke ⭐Singer : Upasana Mehta ⭐Lyrics : ⭐Music: Binny Narang (9991980610) ⭐Video: Shalini Sharma (7015960610) ⭐Label : Upasana Mehta Bhajan ⭐Producer: Bhakti Sadhna (9466651081) ⭐Category: Hindi Devotional (Shyam Bhajan) ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- 🎧 Listen On Streaming Sites 🎵Gaana https://gaana.com/artist/upasana-mehta 🎵JioSaawan https://www.jiosaavn.com/artist/upasana-mehta/MiW60hV8raw_ 🎵 Spotify https://open.spotify.com/artist/5Jn1P6c3pE7VefJUVJNN4O 🎵Hungama https://www.hungama.com/artist/upasana-mehta/273309995/ 🎵Wynk https://wynk.in/music/artist/upasana-mehta/upasana-mehta 🎵iTunes - https://music.apple.com/at/artist/upasana-mehta/1524786525 🎵Hungama- https://music.amazon.com/artists/B08DG6J9YW?tab=CATALOGapp=itunes ▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️Lyrics✍️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️ गुरु वचनो को रखना सँभाल के इक इक वचन में गहरा राज़ है, जिसने जानी है महिमा गुरु की उसका डूबा कभी न जहाज़ है । दीप जले और अंधेरा मिटे न ऐसा कभी नहीं हो सकता, ज्ञान सुने और विवेक न जागे ऐसा कभी नहीं हो सकता । जिसकी रोशनी से रोशन जहान है वो फरिश्ता बड़ा ही महान है, जिसने जानी है महिमा गुरु की उसका डूबा कभी न जहाज़ है ॥ बीज पड़े और अंकुर न फूटे ऐसा कभी नहीं हो सकता, कर्म करे और फल न भोगे ऐसा कभी नहीं हो सकता । कर्म करने को तूँ होशिआर है फल भोगने में बड़ा ही लाचार है, जिसने जानी है महिमा गुरु की उसका डूबा कभी न जहाज़ है ॥ ठोकर लगे सतगुर न संभाले ऐसा कभी नहीं हो सकता, जब हम पुकारे और वो न आए ऐसा कभी नहीं हो सकता । उसके हाथों में सौंप दे हाथ तूँ वो तो अंग संग तेरे साथ है, जिसने जानी है महिमा गुरु की उसका डूबा कभी न जहाज़ है ॥ गुरु परिपूर्ण समर्पित तूँ हो जा धोखा कभी नहीं खा सकता, लक्ष्मण रेखा सतसंग की हो तो रावण कभी नहीं आ सकता । ▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️

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