#असल_में_आप_कौन_हैं_? #harshavardhanjain
When the soul is happy, then life feels as blissful as heaven because when self-awakening happens; then all the vices like lust, anger, greed, attachment, jealousy, ego etc. are destroyed and only the happy soul roams inside.
इस ब्रह्मांड में कुछ भी बिना कारण नहीं होता है। यदि जन्म हुआ है, तो आपके जन्म का कारण भी होता है और यदि जीवन मिला है, तो जीवन का लक्ष्य भी होता है। लेकिन, अधिकतर लोग अपने जीवन के अर्थ को कभी समझ ही नहीं पाते हैं। अधिकतर लोग अपने शरीर और मन के गुलाम बन कर रह जाते हैं। पूरा जीवन अपने शरीर और मन की खुशी को पूरा करने में ही जीवन बिता देते हैं। मन जो खाने को कहता है खा लेते हैं, जो करने को कहता है कर लेते हैं और जो बोलने को कहता है बोल देते हैं। लेकिन, जो इस शरीर की ऊर्जा अर्थात जो आत्मा है, आत्मा की खुशी के लिए कभी कोई काम नहीं करते हैं क्योंकि अधिकतर लोगों को आत्मा के विषय में ज्ञान ही नहीं होता है। वे आत्मा को नहीं, सिर्फ शरीर को ही अपनी आत्मा समझ लेते हैं। मन को ही ईश्वर की आवाज समझ लेते हैं। इसी में गुमराह होकर पशुओं के समान जीवन बिता देते हैं।
दुनिया में अमीर भी दुखी होता है और गरीब भी दुखी होता है, लेकिन जो सबसे सुखी होता है वह है साधु सन्यासी। जिनके पास खोने को कुछ नहीं होता है, सिर्फ पाना ही पाना होता है। इसलिए वे अपनी आत्मा की आवाज सुनकर परम ईश्वर का ही ध्यान करते हैं। जब आत्मा सुखी होती है, तब जीवन स्वर्ग के समान सुख की अनुभूति करता है क्योंकि जब आत्म जागृति होती है; तब काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या, अहंकार इत्यादि सभी अवगुणों का नाश हो जाता है और सिर्फ अंदर सुखी आत्मा ही विचरण करती है। इसलिए सिर्फ शरीर और मन की आवाज को ईश्वर की आवाज समझ कर, जो मन करे वह खाने की चेष्टा ना करें। अन्यथा शरीर बेकार हो जाएगा और मन के बहकावे में आकर कुछ ऐसा ना करें कि बाद में पछताना पड़े या अपमानित होना पड़े। इसलिए जो भी करें, ईश्वर को साक्षी मानकर सही और सर्वश्रेष्ठ मार्ग पर चलने की आदत बनाएं। जिससे आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा, आत्मा भी प्रसन्न रहेगी और जीवन भी सुखी रहेगा। इसके अतिरिक्त आने वाले जन्मों के लिए भी आप अच्छे कर्मों के बीज बो देंगे। जिससे अगले जन्म भी सुधर जाएंगे।
स्वयं से प्रश्न करिए कि: मैं कौन हूं? किस कारण मेरा जन्म हुआ है? मेरे जीवन का क्या उद्देश्य है? दुनिया के प्रति मेरा क्या उत्तरदायित्व है? जिस दिन इन प्रश्नों के उत्तर अपने खोज लिए, आपका जीवन सर्वश्रेष्ठ मार्ग पर प्रशस्त हो जाएगा। आप अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेलने की इच्छाशक्ति को जगाएं। जिससे सर्वश्रेष्ठ उद्देश्य का जन्म होगा और जब सर्वश्रेष्ठ उद्देश्य आपकी निगाहों में हो, तब सर्वश्रेष्ठ सफलता या व्यक्तित्व आपके हाथों में होगा। जो व्यक्ति स्वयं को जानता है, वह महानता के बीज बो कर महानता की फसल उगाता है और दुनिया को उपहार स्वरूप भेंट करता है। जिससे उसकी ख्याति भी बढ़ती है और जीवन की उच्चतम उपलब्धियों का द्वार भी खुलता है। जब आप स्वयं को जानने का प्रयास करेंगे; तब आपके विचार बदलेंगे, आपका स्वभाव बदलेगा, आपका चरित्र बदलेगा, आपकी आदतें बदलेंगी, आपके सपने बदलेंगे और आपका व्यक्तित्व सागर की लहरों के समान सुनामी को दावत देने के लिए तत्पर हो जाएगा। जिस पल ऐसी स्थिति का प्रादुर्भाव होता है, उस समय से आपके भविष्य का दीपक ज्वालामुखी की तरह धंधक उठता है और आपकी सफलता सूर्य के समान प्रकाशित हो जाती है।
FOR TRAINING CONTACT US:
📧 Email: [email protected]
📱 Mobile: 📞 1️⃣ +91-7690030010
📞 2️⃣ +91-8306653253
📞 3️⃣ +91-8824183845
FOLLOW US:
🐦 Twitter: https://bit.ly/495B7dZ
📷 Instagram: https://bit.ly/471K3PW
📘 Facebook: https://bit.ly/3QaTRzY
📢 Telegram: https://bit.ly/3tEojeh
JOIN OUR MEMBERSHIP:
💻 Click this link to join:
https://bit.ly/3M8HkMA
VISIT OUR WEBSITE:
🌐 www.harshvardhanjain.in
! आव्हान ! प्यासे का नदी से मिलना तय है |
🎥 https://bit.ly/3s5zFYA