Please watch: "shastriya sangeet runak jhunak baje payaliya shri shivji suthar and badri ji suthar bikaner "
https://www.youtube.com/watch?v=mLmViS6YRJI बहुत ही सुंदर भजन --~--
*धन्ना जाट ने भगवान की कथा में सुन लिया कि नहा कर भगवान को नहलाये और भोग लगाकर ही खाये जो बिना भोग लगाये खाता है वो पाप को खाता है
* धन्ना जाट तो अनपढ़ था, उसने पंडित जी से भगवान की मूर्ति मांगी, सिल बट्टा देते हुये पंडित जी ने कहा "नहाकर नहलइयो खिलाकर खइयो"
* धन्ना जाट ने नहाकर भगवान को स्नान कराया अब भगवान को भोग लगाया -- बोला ठाकुर जी भोग लगाओ, पर्दा बंद कर दिया, थोड़ी-थोड़ी देर में देखे ठाकुर जी तो खाये नहीं
* १ दिन बीता, २ दिन बीता, ऐसे -- ऐसे ६ दिन बीत गये, सांतवे दिन आ गया अपनी जिद पे -- भगवान से बोला तुम खाते हो या मैं सदा के लिए अपने प्राण दे दू
* छूरा उठाया और लगा लिया गले पर, तुरंत भगवान प्रकट हुए और हाथ पकड़कर बोले "खाता हूँ" फिर भगवान ने भोग लगाया | ऐसी थी धन्ना जाट की कृष्ण भक्ति |